
(Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana)
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ करोड़ों किसान अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं। लेकिन बदलते मौसम, प्राकृतिक आपदाएँ, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट और रोग जैसी समस्याएँ किसानों की फसलों को हर साल भारी नुकसान पहुँचाती हैं। ऐसे में एक ही मौसम की खराब फसल किसान को कर्ज, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव की ओर धकेल देती है।
इन्हीं जोखिमों से किसानों को सुरक्षा प्रदान करने और उनकी आय को स्थिर बनाए रखने के उद्देश्य से भारत सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की शुरुआत की। यह योजना किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके।
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana – PMFBY) भारत सरकार की एक मुख्य कृषि समृद्धि योजना है, जिसका उद्देश्य कृषको को फसल नुकसान की परिस्थिति में वित्तीय सुरक्षा प्राप्त करना है। इस योजना की पहल 13 जनवरी 2016 को की गई थी, जिससे प्राकृतिक दुर्घटना, मौसम की अनिश्चितताओं और अन्य परेशानियों से कृषको की आय को संरक्षित किया जा सके। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में कृषि काफी हद तक मानसून और मौसम पर आश्रित होती है, जिससे कृषको को प्रत्येक वर्ष ज्यादा हानि उठानी पड़ती है।
इस योजना के अंतर्गत फसल हानि होने पर मुआवजा डायरेक्ट कृषक के बैंक खाते में भेजा जाता है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनती है। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना कृषको को जोखिम-मुक्त खेती, आय में स्थिरता और आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक आवश्यक पहल है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का संक्षिप्त ओवरव्यू

| बिंदु | विवरण |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) |
| लॉन्च तिथि | 13 जनवरी 2016 |
| उद्देश्य | फसल नुकसान पर आर्थिक सुरक्षा |
| लाभार्थी | सभी किसान |
| कवर जोखिम | प्राकृतिक आपदा, कीट, रोग |
| किसान प्रीमियम | 1.5% – 5% |
| भुगतान माध्यम | DBT (Direct Benefit Transfer) |
| कार्यान्वयन | केंद्र व राज्य सरकार |
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की आवश्यकता क्यों पड़ी?
कृषि पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर होती है। भारत में हर वर्ष लाखों किसान फसल खराब होने के कारण भारी नुकसान उठाते हैं।
मुख्य समस्याएँ थीं:
- प्राकृतिक आपदाओं से फसल नष्ट होना
- फसल खराब होने पर कोई स्थायी सुरक्षा नहीं
- कर्ज में फँसते किसान
- आय में अस्थिरता
- आत्महत्या जैसे गंभीर सामाजिक परिणाम
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए किसानों को जोखिम-मुक्त खेती की ओर प्रोत्साहित किया।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रकार
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के तहत कृषको को उनकी फसलों के अनुरूप अलग-अलग विभागो में बीमा सुरक्षा उपलब्ध की जाती है। फसल के मौसम और प्रकृति को ध्यान में रखते हुए इस योजना को प्रमुख रूप से तीन वर्गों में विभाजित किया गया है:
खरीफ फसल बीमा
खरीफ फसल बीमा उन उपज के लिए लागू होता है, जो मानसून के मौसम में उगाई जाती हैं। यह फसलें साधारणतः पर जून-जुलाई में बोई जाती हैं और अक्टूबर-नवंबर में कटाई की जाती हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों के लिए कृषक को सिर्फ 2% प्रीमियम देना होता है, परन्तु शेष बीमा राशि केंद्र और राज्य सरकार के माध्यम से वहन की जाती है। फसल को हुए हानि का आकलन फसल कटाई प्रयोग (CCE) और आधुनिक तकनीकों के जरिए से किया जाता है।
रबी फसल बीमा
रबी फसल बीमा उन फसलों को कवर करता है, जो सर्दियों के मौसम में उगाई जाती हैं। इसमें गेहूँ, चना, मसूर, मटर, सरसों और जौ जैसी मुख्य फसलें सम्मिलित होती हैं। रबी फसलें साधारणतः अक्टूबर-नवंबर में उगाई जाती हैं और मार्च-अप्रैल में कटाई की होती है। इस समय पाला, असामान्य वर्षा, ओलावृष्टि और तापमान में एकदम परिवर्तन से फसल को हानि पहुँच सकती है।PMFBY के तहत रबी फसलों के लिए किसानों को सिर्फ 1.5% प्रीमियम देना होता है, जो इस योजना को बहोत मितव्ययी बनाता है।
वाणिज्यिक व बागवानी फसलें
वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के तहत फल, सब्जियाँ और नकदी फसलें सम्मिलित की जाती हैं। इन फसलों में निवेश अपेक्षाकृत ज्यादा होता है और हानि की परिस्तिथि में कृषक को ज्यादा वित्तीय हानि उठानी पड़ती है।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत इन फसलों के लिए कृषक को ज्यादा 5% प्रीमियम देना होता है। प्राकृतिक दुर्घटना, कीट-रोग या मौसम संबंधी परेशानी से फसल को हानि होने पर कृषक को उचित मुआवजा प्रदान किया जाता है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रमुख विशेषताएँ
- कम प्रीमियम में व्यापक कवरेज
- फसल कटाई प्रयोग (CCE) के आधार पर दावा
- तकनीक आधारित आकलन (ड्रोन, सैटेलाइट)
- सीधे बैंक खाते में मुआवजा
- छोटे व सीमांत किसानों को प्राथमिकता
- पारदर्शी और सरल प्रक्रिया
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana Eligibility
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana का लाभ लेने के लिए निम्न शर्तें आवश्यक हैं:
- आवेदक किसान होना चाहिए
- अधिसूचित क्षेत्र में खेती करता हो
- अधिसूचित फसल बोई गई हो
- बैंक खाता और आधार लिंक अनिवार्य
- समय सीमा के भीतर आवेदन
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अपना नाम कैसे देखें?
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के तहत नामांकन करने के पश्चात कृषको के लिए यह जानना बहुत आवश्यक होता है कि उनका नाम लाभार्थी लिस्ट में सम्मिलित हुआ है या नहीं। नाम देखने से यह स्पष्ट हो जाता है कि नामांकन स्वीकृत हुआ है, प्रक्रिया में है या किसी वजह से अपासित हुआ है। इससे कृषक को यह भी सुचना मिलती है कि बीमा कवरेज लागू हुआ है या नहीं और उपज हानि की स्थिति में उसे मुआवजा मिलेगा या नहीं। नीचे PMFBY में अपना नाम देखने के सभी सरल प्रक्रिया विस्तार से बताए गए हैं।
Official Site (आधिकारिक वेबसाइट)
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की Official Website कृषको के लिए सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित माध्यम है। इस वेबसाइट पर सरकार के माध्यम से जारी की गई सही और अद्यतन सुचना प्राप्त होती है। कृषक यहाँ से अपने आवेदन की स्थिति, लाभार्थी वर्णन और बीमा कवरेज की जानकारी सरलता से प्राप्त कर सकते हैं।ऑप्शन मिलते हैं, जिनके जरिए से कृषक यह पुष्टि कर सकता है कि उसका नाम योजना में दर्ज है या नहीं। यह साइट पूर्ण रूप से पारदर्शी है और इसमें दी गई सुचना डायरेक्ट सरकारी डेटाबेस से जुड़ी होती है।
Online Way (ऑनलाइन तरीका)
ऑनलाइन माध्यम से नाम देखने की प्रक्रिया बहुत आसान और समय बचाने वाली है। इसके लिए किसान को सबसे पहले प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है। होमपेज पर “Check Status” या “Beneficiary Status” विकल्प पर क्लिक करें।
इसके बाद किसान से आधार नंबर, मोबाइल नंबर या आवेदन संख्या जैसी जानकारी मांगी जाती है। आवश्यक विवरण भरकर सबमिट करते ही स्क्रीन पर आवेदन की पूरी स्थिति दिखाई देने लगती है। ऑनलाइन तरीका खासकर उन किसानों के लिए उपयोगी है, जिनके पास इंटरनेट और स्मार्टफोन की सुविधा उपलब्ध है। इससे उन्हें किसी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और घर बैठे ही सारी जानकारी मिल जाती है।
Offline Way (ऑफलाइन तरीका)
यदि किसी किसान के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तो वह ऑफलाइन तरीके से भी अपना नाम जांच सकता है। इसके लिए किसान नजदीकी बैंक शाखा, कृषि विभाग कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या पंचायत कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
वहाँ संबंधित अधिकारी किसान से आधार कार्ड, बैंक पासबुक या आवेदन रसीद जैसी जानकारी लेकर लाभार्थी सूची में नाम की जांच कर देते हैं। ऑफलाइन प्रक्रिया से भी किसान को यह स्पष्ट जानकारी मिल जाती है कि उसका नाम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल है या नहीं और आगे की प्रक्रिया क्या होगी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में मिलने वाला मुआवजा
| स्थिति | मुआवजा |
| आंशिक फसल नुकसान | निर्धारित प्रतिशत |
| पूर्ण फसल नुकसान | बीमित राशि तक |
| प्राकृतिक आपदा | 72 घंटे में सूचना पर दावा |
आवश्यक दस्तावेज़
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana के अंतर्गत आवेदन करने के लिए किसान को कुछ आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होते हैं। ये दस्तावेज़ किसान की पहचान, भूमि स्वामित्व और बैंक विवरण सत्यापित करने में सहायक होते हैं।
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- भूमि रिकॉर्ड / पट्टा
- फसल बुवाई प्रमाण
- पासपोर्ट साइज फोटो
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीट-रोग और मौसम जोखिम से सुरक्षा प्रदान करती है। इस योजना से फसल नुकसान पर आर्थिक सहायता मिलती है, आय में स्थिरता आती है और किसानों का जोखिम कम होता है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ खेती कर पाते हैं।
- फसल नुकसान पर आर्थिक सुरक्षा
- किसानों की आय में स्थिरता
- कर्ज पर निर्भरता में कमी
- जोखिम-मुक्त खेती
- आत्मनिर्भर किसान
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सामाजिक प्रभाव
इस योजना से किसानों में भरोसा बढ़ा है और वे आधुनिक खेती की ओर अग्रसर हुए हैं।
इसके परिणामस्वरूप:
- कृषि क्षेत्र में स्थिरता
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
- किसान आत्महत्याओं में कमी
- डिजिटल कृषि प्रणाली को बढ़ावा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवेदन कैसे करें?
आवेदन के तरीके:
- PMFBY आधिकारिक पोर्टल
- नजदीकी बैंक शाखा
- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
- राज्य कृषि विभाग
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) किसानों के लिए केवल एक बीमा योजना नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद सुरक्षा कवच है। यह योजना प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के बावजूद किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है। कम प्रीमियम, पारदर्शी दावा प्रक्रिया और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी सुविधाओं के कारण PMFBY किसानों के हित में एक प्रभावी और दूरदर्शी पहल सिद्ध हुई है। कुल मिलाकर, यह योजना कृषि क्षेत्र को स्थिरता, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का एक मजबूत आधार है।